नटवरलाल: भारत का सबसे चालाक ठग
नटवरलाल, जिनका असली नाम मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव था, भारत के इतिहास में सबसे चतुर ठगों में गिने जाते हैं। वे न सिर्फ स्मारक बेचते थे, बल्कि अरबपति कारोबारियों को भी ठग चुके थे।
प्रारंभिक जीवन
नटवरलाल का जन्म 1912 में बिहार के सीवान जिले के बांगरा गांव में हुआ था। वे पढ़ाई में अच्छे थे और वाणिज्य में स्नातक थे।
उन्होंने अपने पड़ोसी के बैंक हस्ताक्षर की नकल करके ₹1000 निकाल लिए — और यहीं से उनका अपराधी जीवन शुरू हुआ।
ठगी के हैरतअंगेज कारनामे
- ताजमहल को तीन बार "बेचा"
- लाल किला, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन तक बेचने का दावा
- धीरूभाई अंबानी, टाटा और बिड़ला जैसे बड़े नामों को ठगा
- 50+ नकली नाम और पहचान
जेल से भागने के कारनामे
उन्होंने 9 बार जेल से भागने में सफलता पाई। एक बार तो वे पुलिस की वर्दी पहनकर फरार हो गए थे।
नायक या खलनायक?
कई ग्रामीण उन्हें रॉबिनहुड मानते थे क्योंकि उन्होंने गरीबों में पैसा बांटा। उनके गांव में उनकी मूर्ति लगाने की योजना भी बनी थी।
लोकप्रिय संस्कृति में
- Mr. Natwarlal (1979) – अमिताभ बच्चन द्वारा निभाया गया किरदार
- Raja Natwarlal (2014) – इमरान हाशमी पर आधारित फिल्म
उनकी मृत्यु रहस्य बनी रही — कुछ कहते हैं 1996 में, कुछ के अनुसार 2009 तक जीवित थे।
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