नटवरलाल: भारत का सबसे चतुर ठग
जब भी भारत के सबसे बड़े और चतुर ठगों की चर्चा होती है, तो नटवरलाल का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनका असली नाम मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव था। वे न केवल अपनी ठगी के लिए प्रसिद्ध थे, बल्कि उनकी योजनाओं की जटिलता और शैली भी अविश्वसनीय थी।
🔹 प्रारंभिक जीवन
नटवरलाल का जन्म 1912 में बिहार के सीवान जिले के बांगरा गांव में हुआ था। उन्होंने वाणिज्य (कॉमर्स) में शिक्षा प्राप्त की और कानून को चकमा देने की कला में महारत हासिल की। उनका पहला अपराध एक बैंक से धोखाधड़ी करके ₹1000 निकालना था।
🔹 अद्भुत कारनामे
- उन्होंने ताजमहल, लाल किला और राष्ट्रपति भवन को विदेशी पर्यटकों को "बेच" दिया।
- वे 50 से अधिक नामों और नकली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करते थे।
- अंबानी, बिड़ला, टाटा जैसे दिग्गजों को भी अपने जाल में फँसाया।
🔹 जेल से भागने की चतुराई
नटवरलाल ने 9 बार जेल से चमत्कारी ढंग से फरार होने की कला का प्रदर्शन किया। एक बार तो वे पुलिस की वर्दी पहनकर ही जेल से बाहर निकल गए। हर बार उनकी योजना इतनी सटीक होती थी कि प्रशासन चौंक जाता था।
🔹 रॉबिनहुड की छवि
उनके गांव वाले उन्हें नायक की तरह मानते थे। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने गरीबों की सहायता के लिए भी अपनी "कमाई" का उपयोग किया। गांव में आज भी उनकी चर्चा श्रद्धा से होती है।
🔹 सिनेमा में नटवरलाल
- Mr. Natwarlal (1979) – अमिताभ बच्चन द्वारा निभाया गया किरदार।
- Raja Natwarlal (2014) – इमरान हाशमी पर आधारित फिल्म।
🔹 रहस्य बनी मृत्यु
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी मृत्यु 1996 में रांची जेल में हुई, लेकिन आधिकारिक रूप से यह 2009 तक पंजीकृत नहीं हुई। उनकी जिंदगी की तरह उनकी मृत्यु भी एक रहस्य ही रही।
0 टिप्पणियाँ